नई दिल्ली ।ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस के राष्ट्रीय महासचिव मुस्तकीम मंसूरी ने आज जारी एक बयान में कहा की तब्लीग़ी जमात के मामले में दिल्ली सरकार ,दिल्ली प्रशासन, केंद्र सरकार और भारत की गोदी मीडिया की वजह से अमेरिकी प्रशासन और अमरीकी मीडिया में भारत की जो थू-थू हो रही है अब उसकी जिम्मेदारी देश के गृहमंत्री अमित शाह को ले लेना चाहिए। क्योंकि उनके गृह मंत्रालय के साथ-साथ दिल्ली सरकार ,दिल्ली पुलिस प्रशासन ,DM-SDM के साथ-साथ आपदा प्रबंधन के अधिकारी भी इसके लिए बराबर के जिम्मेदार है।
श्री मंसूरी ने कहा केजरीवाल और अमित शाह की एक रची हुई साजिश थी जिसके तहत कोरोना वायरस के लिए सरकार की ना मुकम्मल तैयारियों से देशवासियों का ध्यान हटाने के लिए मरकज निजामुद्दीन का सहारा लिया गया था लेकिन इन्हीं की सरकारों के अधीन डॉक्टरों और पुलिस प्रशासन के लोगों ने मरकज के लोगों को क्लीन चिट देकर उनकी साजिश को नाकाम कर दिया। उन्होंने कहा जहां सहारनपुर पुलिस ने जमात के ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए उसका खंडन किया है, वही न्यूज़ चैनलों की भूमिका की भी निंदा की है। श्री मंसूरी ने कहा प्रधानमंत्री यह बताएं की लॉक डाउन का पालन तमाम प्रदेशों के मुख्यमंत्री कड़ाई से कर रहे हैं और देश की जनता चाहे हिंदू हो या मुसलमान सभी लाँक डाउन का पालन करने पर सरकार का सहयोग कर रहे हैं । देश की तमाम मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय ने नमाजे पढ़ना बंद कर दिया हैं। वही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , प्रधानमंत्री के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए सैकडो लोगों के साथ अयोध्या में पूजा अर्चना करने जाते हैं और उनके जाने के बाद वहां पर हजारों की तादात में श्रद्धालु इकट्ठे हो रहे हैं । क्या यह सही है ? उन्होंने कहा योगी आदित्यनाथ के द्वारा लॉक डाउन की धज्जियां उड़ाने के बाद उत्तर प्रदेश के जनपद पीलीभीत में मंदिर के अंदर श्रद्धालुओं द्वारा पुलिस की पिटाई हुई से क्या पुलिस की पिटाई होने से क्या पुलिस का मनोबल नहीं टूटेगा। श्री मंसूरी ने कहा देश का मुसलमान लॉक डाउन का पालन किस तरह कर रहा है इसकी मिसाल देश के इतिहास में पहली बार देखने को मिली है कि मुसलमानों ने जुम्मा की नमाज की कुर्बानी देकर देश को कोरोनावायरस से बचाने का भरपूर प्रयास किया है। उन्होंने कहा मुसलमान जहां देश की खातिर कुर्बानियां देता है वही देशवासियों के खातिर बुहान में फंसे 112 भारतीयों को लेने के लिए फिरोज खान नामक पायलट अपनी जान की परवाह किए बगैर उनको सुरक्षित वायु सेना के विमान से सुरक्षित भारत लेकर आता है जिसकी तारीफ देश के प्रधानमंत्री ने उससे मिलकर की जो अपने आप में एक मिसाल है। श्री मंसूरी ने कहा अब देश के अंदर हिंदू -मुस्लिम की बात नहीं होना चाहिए बल्कि सरकार द्वारा कोरोनावायरस में हुई चूक से देशवासियों को कैसे बचाया जाए इस पर बात होनी चाहिए ।" alt="" aria-hidden="true" />
अगर सरकार जनवरी में गंभीर हो जाती और इस वायरस से लड़ने के लिए मुकम्मल इंतजाम कर लेती तो आज देश की जनता को लॉक डाउन जैसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता।।
मुस्तकीम मंसूरी
राष्ट्रीय महासचिव
ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस